ग्रेटर नोएडा: Bogus फर्जी किसान बन जमीन बेचने वाले 3 गिरफ्तार, ₹18 लाख फ्रीज

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ग्रेटर नोएडा: Bogus फर्जी किसान बन जमीन बेचने वाले 3 गिरफ्तार, ₹18 लाख फ्रीज

ग्रेटर नोएडा, गौतमबुद्धनगर:

ग्रेटर नोएडा की रबूपुरा पुलिस ने एक बड़े धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो Bogus फर्जी किसान बनकर और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर किसानों की कीमती जमीनें बेच रहा था.इस मामले में पुलिस ने तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है और उनके खातों में मौजूद करीब 18 लाख रुपये की बड़ी रकम को फ्रीज करा दिया है. यह कार्रवाई ऐसे जालसाजों के खिलाफ पुलिस की सक्रियता को दर्शाती है जो अवैध तरीकों से संपत्ति हड़पने का प्रयास करते हैं.

 

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फर्जी किसान बन जमीन बेचने वाले 3 गिरफ्तार

क्या है पूरा मामला?

यह पूरा मामला तब सामने आया जब दिनांक 07.07.2025 को एक पीड़ित (वादी) ने पुलिस को एक प्रार्थना पत्र दिया. वादी ने आरोप लगाया कि अभियुक्तगण प्रवीन, श्यामबाबू और जयकुमार ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर उनकी ग्राम फलैदा बांगर में स्थित खसरा नंबर 212, खाता संख्या 200, रकबा 0.8170 हेक्टेयर जमीन के फर्जी और कूटरचित दस्तावेज तैयार किए. इसके बाद, उन्होंने Bogus फर्जी किसान बनकर इस जमीन की रजिस्ट्री करा ली. जब वादी के पुत्र ने इसका विरोध किया, तो उसे गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी गई.

वादी के प्रार्थना पत्र के आधार पर, रबूपुरा थाने में मुकदमा संख्या 147/25 भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं 318(4)/338/336(3)/340(2)/61(2)/352/351(3) के तहत पूजा वालिया और 15 अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध पंजीकृत किया गया. पुलिस ने बताया है कि इस मामले में अन्य अभियुक्तों के विरुद्ध साक्ष्य संकलन की कार्यवाही जारी है और जल्द ही उनकी भी गिरफ्तारी की जाएगी.

 

पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी

गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट के मीडिया सेल द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, रबूपुरा पुलिस ने इस गंभीर धोखाधड़ी के मामले में त्वरित कार्यवाही की. जांच के दौरान, पुलिस ने Bogus फर्जी किसान तैयार कर और फर्जी/कूटरचित आधार कार्ड व पैन कार्ड बनाकर जमीन की अवैध बिक्री करने वाले इस गिरोह का पर्दाफाश किया.

पुलिस ने दिनांक 08.07.2025 को तीन मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार किया. इनकी पहचान:

  1. प्रवीन कुमार उर्फ बादशाह (पुत्र गयासी, निवासी ग्राम फलैदा, थाना रबूपुरा, गौतमबुद्धनगर, उम्र 38 वर्ष)
  2. श्यामबाबू (पुत्र दानवीर, निवासी ग्राम हजरतपुर, थाना खुर्जा देहात, बुलंदशहर, उम्र 45 वर्ष)
  3. जयकुमार (पुत्र देवीराम, निवासी ग्राम माधवगढ़ी, थाना सिकंदराबाद, बुलंदशहर, उम्र 37 वर्ष)

के रूप में हुई है. इन सभी को फलैंदा बांगर से धनपुरा जाने वाले रास्ते से गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तारी के साथ ही, अभियुक्तगण और उनसे जुड़े अन्य संदिग्धों के बैंक खातों में मौजूद करीब 18 लाख रुपये को फ्रीज कर दिया गया है, ताकि धोखाधड़ी से अर्जित धन का इस्तेमाल रोका जा सके.

 

अपराध करने का तरीका: संगठित जालसाजी

पुलिस जांच में इस गिरोह के अपराध करने का विस्तृत तरीका सामने आया है. अभियुक्त जयकुमार ने अपने साथियों के साथ मिलकर ज्यादा पैसे कमाने के लालच में ग्राम फलैदा निवासी दौला उर्फ बाबू सिंह पुत्र श्री श्याम लाल की जमीन को अवैध रूप से बेचने की योजना बनाई. यह जमीन ग्राम फलैदा बांगर में खसरा संख्या 212, खाता संख्या 200, रकबा 0.8170 हेक्टेयर थी.

योजना के तहत, उन्होंने Bogus फर्जी किसान तैयार करने और Bogus फर्जी आधार कार्ड व पैन कार्ड बनाने की योजना बनाई. इस षड्यंत्र में उन्होंने ग्राम फलैंदा के रहने वाले संजू (पुत्र चंदर) और सनी उर्फ छोटू (पुत्र हरिलाल) और लखपत उर्फ लखन को भी शामिल किया. संजू और सनी ने इस काम के लिए 10-10 लाख रुपये का लालच दिया था.

संजू और सनी ने ही ग्राम फलैदा के रहने वाले प्रवीन (पुत्र गयासी) को पैसों का लालच देकर फर्जी रजिस्ट्री में गवाही देने के लिए तैयार किया था, और उन्होंने ही हजरतपुर, बुलंदशहर के रहने वाले श्यामबाबू (पुत्र दानवीर) को ‘फर्जी किसान’ बनकर रजिस्ट्री करने के लिए तैयार किया था.

घटना से लगभग 7-8 दिन पहले, अभियुक्तों ने ग्राम फलैदा में एक मीटिंग की, जिसमें Bogus फर्जी रजिस्ट्री को अंजाम देने की पूरी योजना बनाई गई. अभियुक्त जयकुमार ने कथित Bogus फर्जी किसान श्यामबाबू का Bogus फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड बनाया था. इन्हीं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर, लखपत उर्फ लखन ने कथित फर्जी किसान श्यामबाबू का खाता जिला सहकारी बैंक, रबूपुरा में खुलवाया था.

Bogus फर्जी किसान बने श्यामबाबू को कुल 10 लाख रुपये और फर्जी गवाह प्रवीन को 1 लाख रुपये देने की बात तय हुई थी. इसमें से श्यामबाबू को 1 लाख रुपये और प्रवीन को 20 हजार रुपये एडवांस के तौर पर दिए गए थे, बाकी रकम बाद में देने की बात हुई थी. योजना के अनुसार, अभियुक्तगण ने दिनांक 23.06.2025 और 24.06.2025 को फर्जी किसान बनकर उक्त जमीन की रजिस्ट्री 9 व्यक्तियों के नाम कर दी थी.

यह मामला जमीन धोखाधड़ी के संगठित अपराधों को उजागर करता है, जहाँ जालसाज फर्जी दस्तावेजों और Bogus फर्जी व्यक्तियों का इस्तेमाल कर बेनामी संपत्तियों को बेचने का प्रयास करते हैं. गौतमबुद्धनगर पुलिस की यह कार्रवाई ऐसे गिरोहों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है. पुलिस ने जनता से भी अपील की है कि वे ऐसे संपत्ति संबंधी लेनदेन में अत्यधिक सावधानी बरतें और दस्तावेजों की पूरी तरह से जांच पड़ताल करें.

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