भारत इस बार 18वें जी- 20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा
है। सम्मेलन को लेकर कर हर स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। इसी क्रम में दिल्ली यातायात पुलिस ने
भी अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
यातायात पुलिस का कहना है कि जी20 शिखर सम्मेलन में सुरक्षा के साथ ही जहां-जहां मेहमानों की
रुकने की व्यवस्था व आने-जाने का मार्ग है उसकी जिम्मेवारी दिल्ली यातायात पुलिस की है। यातायात
पुलिस ने शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर 8 से 10 सितंबर के बीच विभिन्न मार्गों से
होने वाली आवाजाही से संबंधित जानकारी दी।
ट्रैफिक नियम : नई दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में सड़कों व लेन पर वाहनों की आवाजाही को
नियंत्रित किया जाएगा। दिल्ली के गैर- गंतव्य वाहनों को ईस्टर्न एवं वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और
अन्य वैकल्पिक मार्गों पर अनिवार्य रूप से मोड़ा जाएगा। इन वाहनों को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति
नहीं है।
भारी माल वाहन, मध्यम माल वाहन और हल्के माल वाहन को भी दिल्ली में प्रवेश की अनुमति
नहीं होगी। हालांकि, आवश्यक वस्तुएं जैसे दूध, सब्जियां, फल, चिकित्सा आपूर्ति आदि ले जाने वाले
मालवाहक वाहनों को वैध ‘नो एन्ट्री परमिशन’ के साथ दिल्ली में प्रवेश की अनुमति होगी। अंतर्राज्यीय
बसों को भी दिल्ली में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। ऐसी सभी बसों का समापन गंतव्य रिंग रोड पर ही
रहेगा।
दिल्ली में पहले से मौजूद बसें, रिंग रोड और रिंग रोड से आगे दिल्ली की सीमाओं की ओर के
सड़क नेटवर्क पर संचालित होंगी। इन बसों को दिल्ली से बाहर निकलने की अनुमति होगी। दिल्ली में
पहले से मौजूद सभी प्रकार के वाणिज्यिक वाहनों और बसों सहित सामान्य यातायात को रिंग रोड और
रिंग रोड से आगे दिल्ली की सीमाओं की ओर के सड़क नेटवर्क पर अनुमति दी जाएगी।
टी.एस.आर. (ऑटो) और टैक्सियों को नई दिल्ली जिले के बाहर सड़क नेटवर्क पर चलने की अनुमति दी
जाएगी। हालांकि, नई दिल्ली जिले के स्थानीय निवासियों और नई दिल्ली जिले की सीमा के अंदर स्थित
होटलों में और वैध बुकिंग वाले पर्यटकों को ले जाने वाली टैक्सियों को नई दिल्ली जिले की सीमा के
अंदर के सड़क नेटवर्क पर चलने की अनुमति दी जाएगी।
हवाई अड्डे, नई दिल्ली और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशनों तक यात्रियों की आवाजाही की अनुमति रहेगी।
हालांकि, ऐसे यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे सुझाए गए वैकल्पिक मार्गों को ही चुनें और अपनी
यात्रा के लिए पर्याप्त समय से चलें। नई दिल्ली जिले में प्रवेश करने वाले यातायात की आवाजाही को
नियंत्रित किया जाएगा।

